महाकुंभ की रहस्यमय यात्रा
यह सेल्फी वीडियो दिल्ली के त्रिलोकपुरी में रहने वाले अशोक वाल्मीकि का है, जो अपनी पत्नी मीनाक्षी के साथ महाकुंभ में स्नान के लिए प्रयागराज आए थे। 18 फरवरी 2025 को बने इस वीडियो में अशोक संगम में डुबकी लगाने से पहले खुश नजर आ रहे थे। उनकी योजना स्नान के बाद रात वहीं गुजारने और अगली सुबह दिल्ली लौटने की थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था…
वह भयानक फोन कॉल
अशोक-मीनाक्षी के तीन बेटे थे – अश्विनी, आशीष और आदर्श। 18 फरवरी को अश्विनी को पिता का फोन आया। फोन पर अशोक रोते हुए बता रहे थे कि भीड़ में मीनाक्षी का हाथ छूट गया और वह गायब हो गईं। माँ के लापता होने की खबर सुनते ही अश्विनी का दिल बैठ गया।
भीड़ में खोई एक माँ
कुछ दिन पहले ही महाकुंभ में भगदड़ में कई लोगों की मौत हो चुकी थी। अश्विनी सोच-सोचकर परेशान हो रहा था कि उसकी बुजुर्ग माँ कहाँ और किस हालत में होंगी। अशोक ने बेटे को भरोसा दिलाया कि वह मीनाक्षी को ढूँढ़कर ही घर लौटेंगे। उन्होंने खोया-पाया केंद्र से भी घोषणाएँ करवाईं, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
डरावना खुलासा: लॉज में मिली लाश
इसी बीच प्रयागराज के झूसी थाने को एक लॉज में महिला की लाश मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने देखा कि महिला का गला रेतकर हत्या की गई थी। लॉज में न तो कोई रजिस्टर था, न ही सीसीटीवी। मकान मालिक ने बताया कि महिला एक शख्स के साथ आई थी जिसे उसने ₹500 में कमरा दिया था।
दिल दहला देने वाली पहचान
दो दिन बाद अश्विनी और परिवार ने पुलिस को मीनाक्षी की फोटो दिखाई। पुलिस ने पुष्टि की कि लाश मीनाक्षी की ही थी। अश्विनी के लिए दुनिया ही खत्म हो गई। उसे शक होने लगा कि उसके पिता का इस हत्या में हाथ हो सकता है।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किया जिसमें अशोक और मीनाक्षी को लॉज की तरफ जाते देखा गया। 21 फरवरी को पुलिस ने अशोक को बैराना चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
कबूलनामा: पति का विश्वासघात
पूछताछ में अशोक ने कबूला कि उसने मीनाक्षी की हत्या की। उसका एक महिला के साथ अफेयर था जिसके बारे में मीनाक्षी को पता चल गया था। झगड़े बढ़ने पर अशोक ने यह कदम उठाया।
क्रूर हत्या का मंजर
18 फरवरी की रात अशोक ने मीनाक्षी को लॉज में ले जाकर शराब पी और फिर सुबह बाथरूम में चाकू से उनकी हत्या कर दी।
परिवार का आरोप: क्या कोई साथी था?
मीनाक्षी के भाई प्रवेश ने आरोप लगाया कि अशोक की प्रेमिका भी इस साजिश में शामिल थी। उन्होंने पुलिस पर केस जल्दी बंद करने का भी आरोप लगाया।
हादसे के बाद: टूटा एक परिवार
यह मामला दिखाता है कि रिश्तों में विश्वास टूटने पर पूरा परिवार बिखर जाता है। अशोक ने अपनी गलती छुपाने के लिए हत्या जैसा कदम उठाया जिसकी कीमत पूरे परिवार ने चुकाई।
अपराध की मनोवैज्ञानिक व्याख्या
मनोविज्ञान के अनुसार जब लोग अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाते तो वे ऐसे कदम उठा लेते हैं जिससे पूरा परिवार तबाह हो जाता है।
अंतिम सच: खून कभी झूठ नहीं बोलता
आखिरकार यह सच सामने आ ही गया कि खून कभी झूठ नहीं बोलता। अगर आप ऐसे रहस्यमय मामलों के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो हमें फॉलो जरूर करें।
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